इक प्रीत भरा बचपन,
अपनी माँ से बिछड़ गया।
स्टेशन की भीड़ में,
उसका हाथ ही छिटक गया।
अनजाने चेहरों में ,
वो इक चेहरा तलाशती होगी,
मम्मी-मम्मी कहती वो ,
इधर उधर भागती होगी,
कभी वो रो रही होगी,
कभी खुद ही चुप हो रही होगी,
कभी अपने ही हाथों से
आंसू पोंछती होगी,
उसने अपनी सारी शैतानियाँ ,
अब ताक पे रख दी होंगी,
उसकी मासूम आँखें बस,
माँ के लिए तरसती होंगी।
खुदा करे! वो दुनिया के,
सबसे अच्छे हाथों में आए।
जो महफूज़ रखे उसको,
और अपनों तक पहुंचाए।
मैं दुआ करती हूँ उसके लिए,
आप सब भी करना।
ऐ खुदा 'प्रीत' पर हमेशा,
रहमत की नज़र करना।
Dedicated to the little girl Preet Kaur (Palki) who went missing from Amritsar in January 2012
© उपमा डागा पार्थ २०१२
अपनी माँ से बिछड़ गया।
स्टेशन की भीड़ में,
उसका हाथ ही छिटक गया।
अनजाने चेहरों में ,
वो इक चेहरा तलाशती होगी,
मम्मी-मम्मी कहती वो ,
इधर उधर भागती होगी,
कभी वो रो रही होगी,
कभी खुद ही चुप हो रही होगी,
कभी अपने ही हाथों से
आंसू पोंछती होगी,
उसने अपनी सारी शैतानियाँ ,
अब ताक पे रख दी होंगी,
उसकी मासूम आँखें बस,
माँ के लिए तरसती होंगी।
खुदा करे! वो दुनिया के,
सबसे अच्छे हाथों में आए।
जो महफूज़ रखे उसको,
और अपनों तक पहुंचाए।
मैं दुआ करती हूँ उसके लिए,
आप सब भी करना।
ऐ खुदा 'प्रीत' पर हमेशा,
रहमत की नज़र करना।
Dedicated to the little girl Preet Kaur (Palki) who went missing from Amritsar in January 2012
© उपमा डागा पार्थ २०१२
